HomeOnline Quizस्वास्थ्यशिक्षा/नौकरीराजनीतिसंपादकीयबायोग्राफीखेल-कूदमनोरंजनराशिफल/ज्योतिषआर्थिकसाहित्यदेश/विदेश

तो क्या सुक्खू सरकार का टला सियासी संकट? ध्वनिमत से पास हुआ बजट

By Alka Tiwari

Published on:

सुक्खू

Summary

सुक्खू सरकार का सियासी संकट लग रहा है कि टल गया। राजनीतिक पकड़ सीएम सुक्खू की कितनी मजबूत है इसका अंदाजा उस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने खुद को एक योद्धा बताते हुए सरकार के 5 साल पूरे करने पर मजबूती दिखाई है। read also: Himachal ...

विस्तार से पढ़ें:

सुक्खू सरकार का सियासी संकट लग रहा है कि टल गया। राजनीतिक पकड़ सीएम सुक्खू की कितनी मजबूत है इसका अंदाजा उस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने खुद को एक योद्धा बताते हुए सरकार के 5 साल पूरे करने पर मजबूती दिखाई है।

read also: Himachal Political: बागी हुए कांग्रेस के 6 विधायकों की जाएगी सदस्यता? बजट पास होने के दौरान गैरमौजूद

बीजेपी फैला रही है भ्रम

हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह कहना है कि, वह एक मजबूत योद्धा है इसलिए वह हमेशा डटे रहते हैं और मीडिया के द्वारा जो भ्रम फैलाया जा रहा है जिसमें बीजेपी का सबसे बड़ा हाथ है उसमें किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है।

सुक्खू

बागी विधायक भी संपर्क में- सुक्खू

मुख्यमंत्री सुक्खू का यह भी कहना है कि भाजपा के संपर्क में आए हुए विधायक स्वयं उनके संपर्क में है और सरकार को किसी भी तरीके का कोई संकट नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि इसका पुख्ता प्रमाण है सरकार का विधानसभा में बजट पास करना। हालांकि जो विधायक बागी हुए हैं उन्होंने सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया और इसके साथ ही विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी कार्यवाही का बाय कॉट करते हुए वॉकऑउट कर दिया।

6 विधायक मौजूद नहीं रहे

दोबारा डेढ़ बजे के करीब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सीएम सुक्खू सहित कांग्रेस के 34 विधायक सदन पहुंचे। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने व्हिप जारी किया है कि सभी विधायक बजट पास करते समय सदन में मौजूद रहे, लेकिन वो 6 विधायक मौजूद नहीं है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों से कागज छीन कर फैंके गए हैं। विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा सदन में नाचने वाले विधायकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को सत्ता की भूख हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि  विधायकों के निष्कासन के बाद भी सदन में रहना नियमों का उल्लंघन है। और फिर बाद में हिमाचल प्रदेश का साल 2024-25 का बजट पारित हो गया।

read also:

Alka Tiwari

अलका तिवारी, उत्तराखंड की वरिष्ठ महिला पत्रकार हैं। पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। प्रिंट मीडिया के विभिन्न संस्थानों के साथ ही अलका तिवारी इलेक्ट्रानिक मीडिया, दूरदर्शन व रेडियो में भी सक्रिय रहीं हैं। मौजूदा वक्त में डिजिटल मीडिया में सक्रियता है।