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Electoral Bond: SBI को सुप्रीम कोर्ट की लताड़, जानें पूरा मामला

By Alka Tiwari

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Summary

Electoral Bond: SBI को सुप्रीम कोर्ट की लताड़ पड़ी है । आपको बता दें कि Electoral Bond के सिलसिले में इससे जुड़ी याच‍िका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने SBI को तगड़ा झटका द‍िया है। पहली याचिका SBI की है जिसमें उसने BONDS की जानकारी साझा करने के लिए तय समयसीमा ...

विस्तार से पढ़ें:

Electoral Bond: SBI को सुप्रीम कोर्ट की लताड़ पड़ी है । आपको बता दें कि Electoral Bond के सिलसिले में इससे जुड़ी याच‍िका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने SBI को तगड़ा झटका द‍िया है। पहली याचिका SBI की है जिसमें उसने BONDS की जानकारी साझा करने के लिए तय समयसीमा आगे बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन मौजूदा समय में आज इसे अदालत ने खार‍िज कर द‍िया है।

Electoral Bond: SBI को सुप्रीम कोर्ट की लताड़, जानें पूरा मामला

SBI ने जानकारी देने के लिए 30 जून का समय मांगा था

Electoral Bond की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका में याचिकाकर्ता यानि ADR (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना ​​याचिका दायर की है। SBI को 6 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना था। SBI ने जानकारी देने के लिए 30 जून का समय मांगा था।

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Electoral Bond को SUPREME COURT ने बताया असंवैधानिक

इस प्रकरण पर SUPREME COURT ने फटकार लगाते हुए दो टूक कहा है क‍ि कल तक सारा डाटा दें। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए Electoral Bond योजना को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगाई थी।

SBI के खिलाफ होगा अवमानना का केस !

हालांकि SBI ने जानकारी देने के लिए 30 जून का समय मांगा था लेकिन Supreme Court ने इस दौरान न सिर्फ SBI का आवेदन खारिज कर दिया बल्कि कड़े शब्दों में ये चेतावनी भी दी है कि अगर 12 मार्च 2024 तक उसे SBI बैंक की ओर से डिटेल नहीं दी गई तो देश की सबसे बड़ी अदालत SBI के खिलाफ अवमानना का केस चलाएगी।  

12 मार्च तक आंकड़ा दे SBI: CJI Chandrachud

CJI Chandrachud ने कहा कि हम SBI का आवेदन खारिज कर रहे हैं। कल यानी 12 मार्च तक आंकड़ा दे दें, और चुनाव आयोग 15 मार्च, 2024 तक उसे प्रकाशित करे। CJI Chandrachud ने यह भी कहा कि हम अभी SBI पर अवमानना की कार्रवाई नहीं कर रहे पर अब पालन नहीं किया गया तो अवमानना का मुकदमा चलाएंगे।

क्या है Electoral Bond का पूरा मामला

यह पूरा वाकया तब का है जब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SBI की 1 याचिका पर सुनवाई हुई। बैंक की ओर से इस पीटिशन में राजनीतिक दलों की ओर से भुनाए गए हर Electoral Bond के डिटेल का खुलासा करने के लिए समय-सीमा 30 जून तक बढ़ाने का अनुरोध किया गया था।

SUPREME COURT ने क्या डिटेल्स मांगे थे?

वैसे, देश की सबसे बड़ी अदालत 15 फरवरी, 2024 को ऐतिहासिक फैसले में Electoral Bond स्कीम को रद्द कर चुकी है। SUPREME COURT ने उस दौरान Electoral Bonds को ‘असंवैधानिक’ बताते देते हुए निर्वाचन आयोग को चंदा देने वालों, चंदे के रूप में दी गई रकम और प्राप्तकर्ताओं का 13 मार्च तक खुलासा करने का आदेश दिया था।

Alka Tiwari

अलका तिवारी, उत्तराखंड की वरिष्ठ महिला पत्रकार हैं। पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। प्रिंट मीडिया के विभिन्न संस्थानों के साथ ही अलका तिवारी इलेक्ट्रानिक मीडिया, दूरदर्शन व रेडियो में भी सक्रिय रहीं हैं। मौजूदा वक्त में डिजिटल मीडिया में सक्रियता है।