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हिमाचल राजनीति : पंचकूला में छह बागी विधायकों से मिले मंत्री विक्रमादित्य सिंह

By Sandhya Kashyap

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Summary

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बाद मानो प्रदेश की पूरी सियासी तस्वीर बदल गई। 6 कांग्रेसी विधायकों की सदस्यता रद्द की गई। हालांकि वीरवार को कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में राजनीतिक संकट खत्म होने की बात कही थी । लेकिन स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के ...

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हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बाद मानो प्रदेश की पूरी सियासी तस्वीर बदल गई। 6 कांग्रेसी विधायकों की सदस्यता रद्द की गई। हालांकि वीरवार को कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में राजनीतिक संकट खत्म होने की बात कही थी । लेकिन स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने छह बागी विधायकों से मुलाकात कर इन बातों पर फिर से सवाल खड़ा कर दिया है। 

हिमाचल राजनीति : पंचकूला में छह बागी विधायकों से मिले मंत्री विक्रमादित्य सिंह

शुक्रवार की सुबह पंचकूला में कांग्रेस विधायक और मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बागी विधायकों से मुलाकात की है। उन्होंने बागी विधायकों के साथ मीटिंग की है।   इसके साथ ही वो हाई कमान से मिलने के लिए दिल्ली भी रवाना हो गए हैं।

हिमाचल राजनीति : प्रतिभा सिंह ने भी निष्कासन पर उठाए थे सवाल

बता दें कि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्‍यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने छह कांग्रेस विधायकोंकी सदस्‍यता रद्द कर दी। इसी को लेकर हिमाचल के राजनीतिक नेताओं की प्रक्रिया सामने आ रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षता प्रतिभा सिंह ने कहा कि विधायकों के निष्कासन पर जल्दबाजी की गई है। उनसे पूछने पर की क्या इसका प्रभाव लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा तो उन्होंने कहा कि बिलकुल पड़ेगा।  

हिमाचल राजनीति : विक्रमादित्य नाराजगी में दे चुके हैं इस्तीफा

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बाद मानो प्रदेश की पूरी सियासी तस्वीर बदल गई। इसी उठापटक के बीच सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, शाम तक उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था। उन्होंने सीएम सुक्खू को घेरते हुए सरकार को लेकर कई शिकायतें सामने रखीं। साथ ही उन्होंने सरकार पर अपने पिता वीरभद्र की मूर्ति के लिए दो गज की जमीन तक नहीं देने के आरोप लगाए थे।

हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीन दिन से चल रहा सियासी संकट थम गया। लेकिन विक्रमादित्य के निष्कासित विधायको से मीटिंग के बाद कुछ और मायने दिखाई दे रहे है।  हालांकि वीरवार को पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री बने रहेंगे। पर्यवेक्षकों के मनाने के बाद विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा भी वापस ले लिया। इसके बाद वह कैबिनेट बैठक में शामिल हुए।

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